Baba Ram Dev Asks Indians: To Take A Pledge To Support Swadeshi 

एक समय था जब हमारे भारत देश को सोने की चिड़िया कहा जाता था और देश-विदेशों से अनेक लोग यहां पढ़ाई करने और घूमने के लिए लाखों डॉलर खर्च करके आया करते थे, लेकिन आज उन चीजों के केवल अवशेष ही दिखाई देते हैं ।

कैसें भूलें उस नालंदा यूनिवर्सिटी को जिसमें एक नहीं, दो नहीं, ना जाने कितने पीर-पेगम्बरों के हस्त-लिखित शास्त्र थे जिनमें से कुछ कथनों का गुणगान आज भी युवा पीढ़ी देशभक्ति को उजागर करने के लिए whatsapp, facebook और twitter के माध्यम से दुनिया के साथ सांझा करते हैं ।

महान संस्कृति और भारत की गरिमा को बनाए रखने के लिए हर बार इस भारत भूमि पर कई महान हस्तियां पैदा हुई, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन भारतवर्ष की सेवा करने के लिए समर्पित करने का प्रण लिया। उन महान हस्तियों में से एक हस्ती “बाबा राम देव” भी हैं ।

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वर्ष 2017 में इस बार स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में बाबा राम देव ने एक नई मुहीम शुरू की है जिसके अंतगर्त अभी तक 57 लाख से भी अधिक भारतीय उसमे खुद को रजिस्टर करवा चुके हैं और समय के साथ साथ उनकी ये गिनती ओर भी अधिक तेजी से बढ़ती जा रही है । तो चलिए, पढ़ते हैं कि ऐसा कौन अभियान बाबा राम देव ने शुरू किया है जिसमें कि लोग इतना बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं ।

बाबा राम देव की डिजिटल प्रतिज्ञा

बताना चाहेंगे कि इस बार, बाबा राम देव ने एक डिजिटल प्रतिज्ञा कॉन्टेस्ट का आयोजन किया है जिसके अंतगर्त कि हर भारतीय केवल स्वदेशी चीजों का निर्वाह करने की प्रतीज्ञा लेता है । नौजवान पीढ़ी के रहन-सहन और खान-पान को देखते हुए बाबा ने “सिर्फ स्वदेशी इस्तेमाल करने की डिजिटल प्रतिज्ञा” का एक अनोखा अभियान छेड़ा है ।

iSupportSwadeshi Why?

डोमिनोज़ व मैक.डी. से लेकर हमारे शरीर पर डाला गया हर एक कपड़ा आज विदेशी है । ना जाने क्यों भारतीय लोगों को खुद के देश में बनी चीजों से ज़्यादा अच्छी चीज़े विदेशों की लगती है। खुद के देश में बने फ़ोन्स इस्तेमाल करने से ज़्यादा आज दुनिया China के बनाए फोनों के लिए ज़्यादा पागल हुए फिरती है, वो भी सिर्फ इसलिए कि उन चीजों का दाम हमारे देश में बनी चीजों के दाम से कम है। किसी ने सच कहा है कि: “घर की मुर्गी दाल बराबर” ही होती है और भारतवासियों ने इस कहावत को बखूबी सच कर दिखाया है।

लेकिन अभी भी कुछ बिगड़ा नहीं है, हमारे देश की इतनी औकात तो है कि वो हमारी ज़रूरतों को पूरा कर पाए । इसलिए आइये आप भी शपथ लीजिये कि आज से आप सिर्फ स्वदेशी ही इस्तेमाल करेंगे:-

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